राज्यपाल की ओर से कलेक्टर नेहा मीना को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया

Collector Neha Meena was honored with a memento and a certificate from the Governor.
झाबुआ फर्स्ट
Jhabua First News- Collector Neha Meena was honored with a memento and a certificate from the Governor- राज्यपाल की ओर से कलेक्टर नेहा मीना को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया


जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल हरमीत सिंह ने झाबुआ का दौरा किया, भूतपूर्व सैनिकों से की मुलाकात

झाबुआ। देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों, दिव्यांग सैनिकों तथा सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के कल्याण की दिशा में झाबुआ जिले ने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। इसी क्रम में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल हरमीत सिंह का विशेष दौरा झाबुआ जिले में हुआ, जहां उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और निराकरण का आश्वासन दिया।

कलेक्टर नेहा मीना को मिला राज्यपाल से सम्मान

इस अवसर पर कर्नल हरमीत सिंह ने झाबुआ की कलेक्टर सुश्री नेहा मीना से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें राज्यपाल महोदय की ओर से प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। यह सम्मान झाबुआ जिले द्वारा "सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि" (Flag Day Fund) में किए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया। वर्ष 2023-24 में जिले ने कुल ₹5,92,470 की राशि इस निधि में समर्पित की थी, जो झाबुआवासियों की राष्ट्रसेना के प्रति भावनात्मक श्रद्धा और सामाजिक ज़िम्मेदारी को दर्शाता है। कर्नल सिंह ने इस अवसर पर बताया कि यह निधि न केवल शहीदों के परिजनों की मदद के लिए उपयोगी होती है, बल्कि दिव्यांग एवं सेवानिवृत्त सैनिकों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कलेक्टर मीना के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि उनके नेतृत्व में जिले ने सामाजिक संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। 

पूर्व सैनिकों से आत्मीय संवाद और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

कर्नल हरमीत सिंह का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि उन्होंने झाबुआ जिले के भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों से गहराई से संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि सैनिकों के अधिकारों एवं सुविधाओं की रक्षा के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने उपस्थितजनों को केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें शामिल हैं –

  • शहीद सैनिकों के परिवारों को विशेष आर्थिक सहायता
  • दिव्यांग सैनिकों के लिए पुनर्वास योजनाएं
  • सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति
  • पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य सेवाओं में प्राथमिकता
  • नौकरी में आरक्षण एवं पुनर्नियोजन योजनाएं

कर्नल सिंह ने इन सभी योजनाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है, इसकी प्रक्रिया भी सरल भाषा में समझाई। उन्होंने यह भी कहा कि अब ज़्यादातर आवेदन ऑनलाइन पोर्टल्स के माध्यम से किए जा सकते हैं, जिससे पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित होती है।

शहीद परिवारों से विशेष मुलाकात

अपने दौरे के दौरान कर्नल सिंह ने झाबुआ जिले के शहीद सैनिकों के परिजनों से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस भावनात्मक क्षण में उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और सैनिक कल्याण विभाग सदैव उनके साथ खड़ा है। कर्नल सिंह ने कहा कि देश की सुरक्षा में बलिदान देने वाले परिवारों का सम्मान ही सच्ची देशभक्ति है। कार्यक्रम में जिला सैनिक कल्याण संयोजक कैप्टन बंसीलाल कटारा एवं नायक पूनमचंद सोलंकी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके माध्यम से पूर्व सैनिकों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला गया। पूर्व सैनिकों ने इस दौरे को अत्यंत प्रेरणादायी और सहायक बताया। कई सैनिकों ने खुले मंच पर अपने अनुभव साझा किए और कहा कि उन्हें पहली बार ऐसा लगा कि सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर उसका त्वरित समाधान चाहता है। एक पूर्व सैनिक ने भावुक होते हुए कहा – "हमें गर्व है कि हमने देश की सेवा की, लेकिन आज हमें संतोष है कि हमारे बाद हमारा देश और सरकार हमारे परिवार की चिंता कर रही है।"

समाज के लिए प्रेरणा बना झाबुआ का योगदान

झाबुआ जिले का यह योगदान केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं बल्कि एक सामाजिक जागरूकता का प्रतीक बन चुका है। ₹5.92 लाख की निधि का संग्रहण दिखाता है कि यहां के नागरिकों के हृदय में सैनिकों के प्रति गहरा सम्मान और प्रेम है। इस सम्मान के पीछे प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी रही है। कलेक्टर नेहा मीना ने भी इस मौके पर कहा – "हम सभी पर यह नैतिक ज़िम्मेदारी है कि हम अपने सैनिकों और उनके परिवारों को वह आदर और सुविधा दें, जिसके वे हकदार हैं। यह सम्मान झाबुआ की जनता का है, जिन्होंने दिल खोलकर योगदान दिया।" कर्नल सिंह ने यह स्पष्ट किया कि आगामी समय में सैनिकों के लिए एक सैनिक पुनर्वास कैंप, मेडिकल हेल्थ चेकअप अभियान, एवं पेंशन सहायता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि सैनिक समुदाय को अधिक सशक्त और जागरूक बनाया जा सके। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार द्वारा प्रस्तावित "सैनिक सेवा केन्द्र" जैसी योजनाएं झाबुआ में जल्द शुरू हो सकती हैं, जिससे एक ही छत के नीचे पूर्व सैनिकों की अधिकांश समस्याओं का समाधान हो सकेगा।

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