नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2025: सिविल सेवा दिवस के 17वें अवसर पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में झाबुआ की कलेक्टर नेहा मीना को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया। नेहा मीना को यह सम्मान आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम श्रेणी के तहत उनके द्वारा झाबुआ जिले में किए गए असाधारण कार्यों के लिए दिया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कलेक्टर नेहा मीना और उनकी पूरी टीम को उनकी इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में झाबुआ की उल्लेखनीय प्रगति
कलेक्टर नेहा मीना के नेतृत्व में झाबुआ जिले के दूरदराज क्षेत्रों में आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत कई महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। इनमें मोटी आई अभियान, हर घर जल, और आवास योजना जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, जिन्होंने क्षेत्र में विकास की नई गाथा लिखी है। इस कार्यक्रम के तहत झाबुआ में पोषण आहार की उपलब्धता, किसानों की समृद्ध फसलों का उत्पादन, हर घर में स्वच्छ पेयजल की सुविधा, और प्रत्येक वंचित परिवार को पक्का मकान प्रदान करने का संकल्प साकार हो रहा है। इन प्रयासों ने न केवल झाबुआ के आकांक्षी ब्लॉकों में जीवन स्तर को उन्नत किया है, बल्कि देश भर के अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "कलेक्टर नेहा मीना और उनकी टीम ने झाबुआ में जो कार्य किया है, वह न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि सच्ची निष्ठा और समर्पण के साथ सिविल सेवक समाज में व्यापक बदलाव ला सकते हैं। यह पुरस्कार उनकी मेहनत और जनसेवा के प्रति उनके जुनून का सम्मान है।"
प्रधानमंत्री पुरस्कार-2024: चयन प्रक्रिया और महत्व
लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार-2024 देश भर से चयनित 16 सिविल सेवकों को प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी और कठोर थी। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति ने 4 अप्रैल 2025 को आयोजित साक्षात्कारों के आधार पर कलेक्टर नेहा मीना को इस पुरस्कार के लिए चुना।
इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया पांच चरणों में संपन्न हुई:
- प्रारंभिक चिन्हांकन: अपर सचिवों की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग समिति द्वारा आवेदनों की जांच।
- लघु सूचीकरण: अपर सचिवों की छानबीन समिति द्वारा प्रेजेंटेशन के आधार पर आवेदकों का चयन।
- विशेषज्ञ मूल्यांकन: सचिव, डीएआरपीजी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा आवेदनों का गहन मूल्यांकन।
- साक्षात्कार: कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक्सपर्ट कमेटी द्वारा साक्षात्कार के बाद अंतिम सूची तैयार की गई।
- प्रधानमंत्री की मंजूरी: एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों पर माननीय प्रधानमंत्री की अंतिम स्वीकृति के बाद पुरस्कार विजेताओं की सूची जारी की गई।
इस वर्ष पुरस्कार की तीन श्रेणियां थीं:
- श्रेणी 1: 11 प्राथमिकता वाले क्षेत्र कार्यक्रमों के तहत जिलों का समग्र विकास (5 पुरस्कार)।
- श्रेणी 2: आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (5 पुरस्कार)।
- श्रेणी 3: केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों, राज्यों, और जिलों के लिए नवाचार (6 पुरस्कार)।
प्रधानमंत्री पुरस्कार में विजेताओं को ट्रॉफी, स्क्रॉल, और 20 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह राशि पुरस्कृत जिले या संगठन को परियोजनाओं के कार्यान्वयन या लोक कल्याण के किसी भी क्षेत्र में संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए उपयोग की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने की झाबुआ टीम की सराहना
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने समारोह में उपस्थित अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों के सामने कलेक्टर नेहा मीना और झाबुआ प्रशासन की पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा, "झाबुआ जिले में किए गए कार्यों ने यह साबित किया है कि सही नेतृत्व और जनभागीदारी से देश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।"
सिविल सेवा दिवस और पुरस्कार का महत्व
भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दिन सिविल सेवकों द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्यों को मान्यता देने, प्रोत्साहित करने, और पुरस्कृत करने का प्रयास किया जाता है। लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार की स्थापना इसी उद्देश्य से की गई है। यह पुरस्कार न केवल सिविल सेवकों के असाधारण योगदान को सम्मानित करता है, बल्कि अन्य अधिकारियों को भी जनसेवा के प्रति प्रेरित करता है। इस पुरस्कार का उद्देश्य सिविल सेवकों द्वारा किए गए नवाचारों, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में समग्र विकास, और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों के तहत किए गए कार्यों को पहचानना है। यह पुरस्कार सिविल सेवकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है और उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रेरित करता है।
नेहा मीना: एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व
कलेक्टर नेहा मीना का यह पुरस्कार उनके समर्पण, नेतृत्व, और जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल और विकास के दृष्टिकोण से चुनौतीपूर्ण जिले में उनके द्वारा किए गए कार्य न केवल स्थानीय समुदाय के लिए वरदान साबित हुए हैं, बल्कि अन्य सिविल सेवकों के लिए भी एक मिसाल कायम करते हैं। नेहा मीना ने अपने कार्यकाल में मोटी आई अभियान के तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की। हर घर जल योजना के तहत स्वच्छ पेयजल की सुविधा को हर घर तक पहुंचाने में उनकी टीम ने दिन-रात मेहनत की। इसके अलावा, आवास योजना के तहत वंचित परिवारों को पक्के मकान प्रदान करने में भी उनकी भूमिका सराहनीय रही। इन प्रयासों ने झाबुआ के आकांक्षी ब्लॉकों में सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति प्रदान की है।
झाबुआ: विकास की नई दिशा
झाबुआ, जो मध्य प्रदेश का एक आदिवासी बहुल जिला है, लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ रहा है। हालांकि, आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम और कलेक्टर नेहा मीना के कुशल नेतृत्व ने इस क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव लाए हैं। आज झाबुआ के गांवों में स्वच्छ पेयजल, पक्के मकान, और पोषण आहार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। किसानों की फसलों की उत्पादकता में वृद्धि हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री पुरस्कार-2024 ने झाबुआ के इन प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। यह पुरस्कार न केवल नेहा मीना और उनकी टीम के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि यह झाबुआ के निवासियों के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री पुरस्कार-2024 से सम्मानित होने के बाद कलेक्टर नेहा मीना ने कहा, "यह पुरस्कार मेरे लिए एक प्रेरणा है कि हम और अधिक मेहनत करें और झाबुआ के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए नए प्रयास करें। यह सम्मान मेरी पूरी टीम को समर्पित है, जिनके बिना यह संभव नहीं था।" उन्होंने यह भी कहा कि इस पुरस्कार के साथ मिलने वाली 20 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का उपयोग जिले में विकास कार्यों को और गति देने के लिए किया जाएगा। इससे न केवल मौजूदा परियोजनाओं को बल मिलेगा, बल्कि नए क्षेत्रों में भी विकास की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
