झाबुआ – शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, झाबुआ (प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस) ने एक बार फिर शैक्षणिक गुणवत्ता और तकनीकी नवाचार की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए दो अत्याधुनिक सर्टिफिकेट कोर्स—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फिनटेक विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Fintech with AI)—का सफलतापूर्वक संचालन किया है। इस प्रयास के तहत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक की बारीकियों से अवगत कराया गया, जिससे वे भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें। आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फिनटेक (FinTech) दो ऐसे क्षेत्र हैं, जिनकी मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इन कोर्सेज का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी कौशल से लैस करना और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। इस महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम की परीक्षा का परिणाम 6 जून 2025 को घोषित किया गया, जो विद्यार्थियों और महाविद्यालय दोनों के लिए एक उपलब्धि भरा दिन साबित हुआ।
तकनीकी युग की ओर एक ठोस कदम
इस कोर्स को मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के निर्देशों के अनुरूप आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित किया गया। यह झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल जिले के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि यहां के विद्यार्थी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फिनटेक जैसे विषयों में विशेषज्ञता हासिल कर रहे हैं। इन कोर्सों का उद्देश्य छात्रों को भविष्य के डिजिटल भारत के अनुरूप तैयार करना था, जहाँ डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन और डिजिटल फाइनेंस का बोलबाला है। महाविद्यालय प्रशासन ने इस पहल को न केवल शिक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना है, बल्कि इसे छात्रों की रोजगारपरक क्षमताओं को भी बढ़ावा देने वाला मानते हैं।
परीक्षा परिणाम: मेहनत रंग लाई
दोनों पाठ्यक्रमों में कुल 16 विद्यार्थी सम्मिलित हुए। इनमें से 8-8 विद्यार्थियों ने क्रमशः AI और Fintech with AI कोर्स में भाग लिया। परिणाम के अनुसार:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स में 7 विद्यार्थी सफल घोषित हुए।
- फिनटेक विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स में सभी 8 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।
यह सफलता महाविद्यालय के गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रतिफल है।
टॉपर विद्यार्थियों की उपलब्धि
- AI कोर्स में हर्षित रूनवाल ने सबसे अधिक 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जो इस कोर्स के लिए सर्वोच्च अंक हैं।
- Fintech with AI कोर्स में रिद्धि राठौड़ ने 89 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इन दोनों विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने महाविद्यालय का नाम रोशन किया है और अन्य छात्रों को भी प्रेरित किया है कि वे तकनीकी क्षेत्र में अपना भविष्य तलाशें। प्राप्त सफलता पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे.सी. सिन्हा, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. रविन्द्र सिंह, और दोनों कोर्सों के नोडल अधिकारी डॉ. कुंवरसिंह चौहान ने छात्रों को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि: “यह सफलता केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि संपूर्ण महाविद्यालय की है। हमें गर्व है कि झाबुआ जैसे क्षेत्र से हमारे विद्यार्थी देश की तकनीकी धारा में भागीदार बन रहे हैं।” इसके अतिरिक्त समस्त शिक्षकों और स्टाफ ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इस पहल को भविष्य में और विस्तारित करने की योजना भी जताई।
छात्रों की प्रतिक्रिया: आत्मविश्वास से लबरेज़
- कोर्स के प्रतिभागी छात्रों ने भी इस अवसर पर अपनी भावनाएं साझा कीं। हर्षित रूनवाल ने कहा: “AI कोर्स ने मेरी सोच को पूरी तरह बदल दिया। मुझे अब समझ में आया है कि टेक्नोलॉजी का सही उपयोग कर हम कैसे समाज में बदलाव ला सकते हैं।”
- वहीं रिद्धि राठौड़ ने फिनटेक कोर्स की सराहना करते हुए कहा: “डिजिटल फाइनेंस का जो ज्ञान हमें इस कोर्स में मिला, वह किसी भी बड़े संस्थान से कम नहीं था। मैं इस सफलता को अपने शिक्षकों को समर्पित करती हूं।”
महाविद्यालय प्रशासन अब इन कोर्सों को नियमित रूप से आयोजित करने की दिशा में प्रयासरत है। इसके साथ ही वे कोर्स की अवधि, सामग्री और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण को और सशक्त बनाने के लिए IIT दिल्ली के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की योजना बना रहे हैं। इन कोर्सेज को पूरा करने वाले छात्रों के लिए टेक कंपनियों, बैंकिंग सेक्टर, स्टार्टअप्स और डेटा एनालिटिक्स फर्म्स में अच्छे करियर विकल्प उपलब्ध होंगे। महाविद्यालय प्रशासन ने घोषणा की कि अगले सत्र से रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी में भी सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा, आईआईटी दिल्ली के साथ और अधिक कोलैबोरेशन पर विचार चल रहा है। भविष्य में डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे नए तकनीकी कोर्स भी शुरू करने की संभावना जताई जा रही है। यह पहल झाबुआ क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का कार्य करेगी।
शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद शासकीय महाविद्यालय, झाबुआ ने यह सिद्ध कर दिया है कि संसाधनों की सीमाएं अगर हों भी, तो संकल्प और सहयोग से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। AI और Fintech कोर्स का यह सफल आयोजन एक संकेत है कि झाबुआ अब केवल सांस्कृतिक रूप से ही नहीं, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी एक नया अध्याय लिखने को तैयार है। यह सफलता आने वाले वर्षों में सैकड़ों युवाओं के जीवन को नई दिशा दे सकती है और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकती है। यह सिर्फ एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि शिक्षा की बदलती तस्वीर का प्रतिबिंब है।
