पेटलावद, 12 जून 2025। स्थानीय स्तर पर जनसेवा को समर्पित संस्था लायंस क्लब पेटलावद सेंट्रल ने आगामी सत्र 2025-26 के लिए नवीन कार्यकारिणी का गठन करते हुए समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। एक सादगीपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से नए पदाधिकारियों का चयन किया गया। इस नई टीम को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है कि वे क्लब की सेवा परंपराओं को आगे बढ़ाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले कार्यों को सशक्त रूप से आगे ले जाएं।
नई टीम, नए विचार – नेतृत्व की बागडोर नये हाथों में
बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार, लायन गजेंद्र काग को वर्ष 2025-26 के लिए क्लब का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गजेंद्र काग इससे पूर्व भी सामाजिक गतिविधियों में अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए जाने जाते रहे हैं। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा:“लायंस क्लब सेंट्रल ने पिछले लगभग तीन दशकों से मानव सेवा की जो परंपरा बनाई है, उसे न सिर्फ बनाए रखना, बल्कि नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य रहेगा।" क्लब के सचिव पद की ज़िम्मेदारी लायन विकास चौहान को सौंपी गई, जिन्होंने विगत वर्षों में सेवा प्रकल्पों को क्रियान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी इस बार सीए दिलीप राठौड़ को दी गई है, जो संस्था की वित्तीय पारदर्शिता और व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही प्रथम उपाध्यक्ष पद के लिए लायन नरेंद्र चतुर्वेदी का नाम चुना गया। चतुर्वेदी सामाजिक विकास कार्यक्रमों में अपनी नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
सेवा का संकल्प: लायंस क्लब की गौरवशाली विरासत
लायंस क्लब पेटलावद सेंट्रल की स्थापना को 29 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इस संस्था ने स्थानीय स्तर पर अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं और राहत कार्यों के माध्यम से अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, नेत्रदान जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और रक्तदान जैसे क्षेत्रों में क्लब की सक्रियता उल्लेखनीय रही है नवचयनित अध्यक्ष गजेंद्र काग ने अपने वक्तव्य में आगे कहा— “हमारा उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर बदलाव की प्रेरणा देना भी है। हमें मिलकर सेवा के उन क्षेत्रों को छूना है, जहाँ अब तक रोशनी नहीं पहुंची।"
बैठक में आगामी वर्ष की योजनाओं और सेवा गतिविधियों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। सचिव विकास चौहान ने बताया कि इस वर्ष क्लब द्वारा निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं पर कार्य किया जाएगा:
- नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर – ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में
- नेत्र जांच एवं ऑपरेशन कैंप
- स्कूलों में स्वच्छता एवं पर्यावरण शिक्षा अभियान
- पुस्तक दान अभियान – निर्धन विद्यार्थियों हेतु
- महिलाओं के लिए स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम
- वृक्षारोपण अभियान – 1000 पौधे लगाने का लक्ष्य
- जल संरक्षण एवं जलस्रोत सुधार परियोजनाएं
इसके अलावा डिजिटलीकरण की दिशा में भी क्लब कदम उठाने जा रहा है। अध्यक्ष ने बताया कि जल्द ही लायंस क्लब पेटलावद सेंट्रल की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज भी लॉन्च किए जाएंगे ताकि युवा वर्ग को भी क्लब की गतिविधियों से जोड़ा जा सके। बैठक में संस्था के वरिष्ठ सदस्यों ने भी अपने विचार रखे और नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। सभी ने एकमत से यह कहा कि सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी सदस्यों का सक्रिय योगदान अनिवार्य है। वरिष्ठ सदस्य लायन रमेश मित्तल ने कहा:"हम सबका यह कर्तव्य है कि हम संस्था को केवल पदों तक सीमित न रखें, बल्कि प्रत्येक सदस्य को समाज के प्रति संवेदनशील बनाएं।" लायंस क्लब पेटलावद सेंट्रल ने समय-समय पर आपदाओं में राहत पहुँचाने, रक्तदान शिविरों के आयोजन, ज़रूरतमंदों के लिए चिकित्सा सहायता, दिव्यांगों के लिए उपकरण वितरण और शिक्षा सामग्री के वितरण जैसे सराहनीय कार्य किए हैं। इन सेवाओं के माध्यम से संस्था ने न केवल पेटलावद में बल्कि आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी अपनी विश्वसनीयता और सामाजिक प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है।
सभी सदस्यों ने दी बधाई
कार्यक्रम के समापन पर नवनियुक्त पदाधिकारियों को सभी सदस्यों द्वारा हार्दिक बधाई दी गई और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। साथ ही, सभी सदस्यों ने इस बात पर भी बल दिया कि सेवा कार्य में सभी का सहयोग अहम होता है और कोई भी प्रयास अकेले सफल नहीं होता। इस अवसर पर अध्यक्ष को यह अधिकार भी प्रदान किया गया कि वे आगामी दिनों में विस्तृत कार्यकारिणी का गठन करें और क्लब के प्रत्येक सदस्य को उसकी रुचि और योग्यता के अनुसार सेवा प्रकल्पों में सम्मिलित करें। लायंस क्लब पेटलावद सेंट्रल का यह नवीन कार्यकारिणी गठन कार्यक्रम केवल पदाधिकारियों की घोषणा तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सेवा, समर्पण और सामाजिक दायित्व की नई पहल का आरंभ भी था। संस्था की नई टीम इस संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है कि "हम निस्वार्थ सेवा के माध्यम से समाज में बदलाव लाएंगे , यह कार्यक्रम उस सोच को और सशक्त करता है कि जब व्यक्ति या संस्था अपने हितों से ऊपर उठकर समाज की भलाई के लिए कार्य करती है, तब वह केवल संस्था नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति की वाहक बन जाती है।

