झाबुआ । देशभर के लाखों जनजातीय विद्यार्थियों के लिए सरकार ने छात्रवृत्ति योजना में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। अब वर्ष 2025-26 से छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (One Time Registration - OTR) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह पंजीकरण नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर किया जाएगा, जिससे छात्रवृत्ति की प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और सुरक्षित हो सके। इस संबंध में जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती निशा मेहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय भारत सरकार द्वारा विद्यार्थियों के हित में लिया गया है। यह पद्धति विद्यार्थियों को हर साल दोबारा पंजीकरण की परेशानी से मुक्त करेगी और बार-बार दस्तावेज़ी प्रक्रिया को कम करेगी।
📌 क्या है वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR)?
वन टाइम रजिस्ट्रेशन, जैसा कि नाम से स्पष्ट है, एक बार किया जाने वाला स्थायी पंजीकरण है। विद्यार्थी एक बार OTR नंबर प्राप्त करने के बाद जब भी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें केवल उसी नंबर का उपयोग करना होगा। इस प्रकार हर साल की जटिल प्रक्रिया से राहत मिलेगी और डेटा सुरक्षित भी रहेगा। OTR के माध्यम से छात्र की पहचान, आधार से जुड़कर प्रमाणित होती है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना न्यूनतम हो जाती है। यह प्रणाली सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को भी मजबूती प्रदान करती है।
🧑🎓 किन विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है OTR?
वन टाइम रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया विशेष रूप से कक्षा 9वीं से ऊपर के जनजातीय समुदाय से संबंधित सभी विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए आवश्यक कर दी गई है। इसमें सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी संस्थानों में पढ़ रहे वे सभी छात्र शामिल हैं, जो छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं।
📲 कैसे करें वन टाइम रजिस्ट्रेशन? जानिए चरणबद्ध प्रक्रिया
छात्रों को OTR प्राप्त करने के लिए दो मुख्य चरणों से गुजरना होगा:
🔹 प्रथम चरण – रेफरेंस नंबर प्राप्त करना
- विद्यार्थी सबसे पहले नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट https://scholarships.gov.in पर जाएं।
- या फिर मोबाइल पर NSP OTR ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप या वेबसाइट में नाम, आधार नंबर, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर आदि आवश्यक जानकारी भरें।
- इन जानकारियों को सफलतापूर्वक भरने के बाद एक रेफरेंस नंबर जारी किया जाएगा। यह आगे की प्रक्रिया में उपयोग होगा।
🔹 द्वितीय चरण – OTR नंबर प्राप्त करना
- रेफरेंस नंबर प्राप्त करने के बाद, विद्यार्थी को NSP OTR ऐप के साथ-साथ आधार फेस RD Services ऐप भी अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा।
- फिर रेफरेंस नंबर डालकर आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
- सत्यापन सफल होते ही छात्र को एक यूनिक OTR नंबर प्राप्त होगा। यही नंबर भविष्य में सभी छात्रवृत्ति आवेदनों में उपयोग होगा।
📅 महत्वपूर्ण समयसीमा – 30 जुलाई अंतिम तारीख
सहायक आयुक्त श्रीमती मेहरा ने स्पष्ट किया कि OTR की प्रक्रिया को 30 जुलाई 2025 तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। इसके बाद जो विद्यार्थी OTR प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएंगे, वे छात्रवृत्ति योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं।
🌐 एमपी टास पोर्टल पर आवेदन के लिए OTR अनिवार्य
मध्यप्रदेश सरकार के एमपी टास पोर्टल (MPTAASC Portal) पर छात्रवृत्ति हेतु आवेदन करते समय भी अब OTR नंबर दर्ज करना आवश्यक कर दिया गया है। बिना OTR के, आवेदन स्वीकृत नहीं होगा और विद्यार्थी को किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी।
🧾 छात्रों से अपील – जल्द से जल्द करें पंजीकरण
श्रीमती मेहरा ने जनजातीय समुदाय के सभी स्कूलों और कॉलेजों को निर्देशित किया है कि वे अपने यहाँ पढ़ने वाले विद्यार्थियों को समय रहते इस नई प्रक्रिया की जानकारी दें और उन्हें तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थी मोबाइल, लैपटॉप या साइबर कैफे की सहायता से स्वयं यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
🛑 OTR न कराने पर क्या नुकसान हो सकता है?
यदि कोई छात्र इस प्रक्रिया को नजरअंदाज करता है या समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराता है तो:
- उसे छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा।
- भविष्य की योजनाओं में नामांकन में कठिनाई होगी।
- बार-बार दस्तावेज़ भरने की झंझट से गुजरना पड़ेगा।
🌱 डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम
यह नया बदलाव ना केवल पारदर्शिता लाता है, बल्कि विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़े रखने के लिए एक मजबूत डिजिटल आधार भी बनाता है। सरकार का उद्देश्य यह है कि हर पात्र छात्र तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे और प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली की संभावना समाप्त हो।
📞 कहाँ से लें मदद?
यदि किसी छात्र को OTR प्रक्रिया में कोई कठिनाई आती है, तो वह निम्न माध्यमों से सहायता प्राप्त कर सकता है:
- NSP हेल्पलाइन नंबर: 0120-6619540
- ईमेल: helpdesk@nsp.gov.in
- या नजदीकी जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
वर्ष 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति योजना में लाया गया OTR सिस्टम विद्यार्थियों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है, यदि समय पर उसे अपनाया जाए। यह प्रणाली न केवल छात्रवृत्ति वितरण को प्रभावी बनाएगी, बल्कि शासन व्यवस्था को डिजिटल रूप में सुदृढ़ भी करेगी। ऐसे में सभी पात्र विद्यार्थियों से अपील है कि 30 जुलाई से पहले इस प्रक्रिया को पूर्ण कर अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं।

