झाबुआ। झाबुआ जिले में आबकारी विभाग ने एक बार फिर अवैध शराब कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये की अवैध शराब जब्त की है। यह कार्रवाई जिले में बढ़ती अवैध मदिरा की बिक्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई, जिसमें विभाग ने एक महिंद्रा पिकअप वाहन से माउंट 6000 सुपर स्ट्रॉन्ग बीयर की 13 पेटियां बरामद की हैं। इस संपूर्ण कार्रवाई में वाहन समेत कुल ₹7.35 लाख से अधिक का माल जब्त किया गया।
अवैध मदिरा के विरुद्ध सतत अभियान
कलेक्टर नेहा मीना और इंदौर संभागीय उड़नदस्ता के उपायुक्त श्री संजय तिवारी के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब की रोकथाम के लिए निरंतर सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती बसंती भूरिया के निर्देशन में 2 जून की रात आबकारी विभाग की टीम गश्त पर निकली थी। यह गश्ती अभियान झाबुआ 'अ' वृत्त क्षेत्र में हवाई पट्टी से कुण्डला मार्ग की ओर चल रहा था, जहां टीम को एक संदिग्ध महिंद्रा पिकअप वाहन (क्रमांक MP39G0958) दिखाई दिया।
आरोपी फरार
संदेह होने पर टीम ने उक्त वाहन का पीछा किया और ग्राम करड़ावद बड़ी के समीप उसे रोका गया। जैसे ही वाहन रोका गया, चालक वाहन को सड़क किनारे छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। टीम द्वारा काफी प्रयास किए जाने के बावजूद आरोपी को पकड़ा नहीं जा सका। फरार आरोपी की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।
वाहन से बीयर की 13 पेटियां जब्त
वाहन की तलाशी लेने पर उसमें बीयर की कुल 13 पेटियां मिलीं। इनमें माउंट 6000 सुपर स्ट्रॉन्ग ब्रांड की बीयर कैनें थीं, जिनकी कुल मात्रा 156 बल्क लीटर आंकी गई। ये बीयर कैनें किसी वैध अनुज्ञप्ति के बिना परिवहन की जा रही थीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उक्त माल अवैध रूप से लाया जा रहा था। जब्त की गई मदिरा और वाहन को आबकारी विभाग द्वारा विधिवत रूप से अपने कब्जे में लिया गया। इस कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी भी की गई ताकि भविष्य में यह साक्ष्य के रूप में प्रयोग हो सके।
कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज
फरार आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 एवं इसके 2000 में संशोधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। संबंधित धाराएं हैं:
- धारा 34(1)(क): बिना अनुज्ञप्ति के मदिरा का परिवहन
- धारा 34(2): व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए अवैध मदिरा संग्रह
- धारा 36: मदिरा का अनाधिकृत रूप से संग्रह
- धारा 46: मदिरा के अवैध परिवहन या विक्रय की स्थिति में दंड का प्रावधान
इन धाराओं के अंतर्गत आरोपी को कड़ी सजा और आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।
जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य
जप्त की गई मदिरा की अनुमानित बाजार कीमत ₹35,880/- आँकी गई है, जबकि वाहन की कीमत लगभग ₹7,00,000/- बताई जा रही है। इस प्रकार संपूर्ण जब्ती की कुल लागत ₹7,35,880/- आंकी गई है। यह राशि अवैध कारोबार की गंभीरता और इसके संभावित प्रभाव को दर्शाती है। इस संपूर्ण कार्रवाई का संचालन सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री महादेव सोलंकी के मार्गदर्शन में किया गया। इस अभियान की कमान आबकारी उपनिरीक्षक श्री अकलेश सोलंकी के हाथों में थी, जिनकी नेतृत्व क्षमता और सतर्कता की सराहना की जा रही है। टीम में मुख्य आरक्षक श्री कांतु डामोर, श्री राम शर्मा, श्री सोहन नायक एवं वाहन चालक श्री बहादुर ने भी अहम भूमिका निभाई। सभी ने पूर्ण समर्पण और तत्परता के साथ कार्य कर यह कार्रवाई सफल बनाई।
जिले में अवैध शराब के विरुद्ध सख्त संदेश
इस कार्रवाई के माध्यम से जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध शराब की बिक्री, परिवहन या भंडारण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की निगरानी अब और कड़ी की जा रही है, जिससे ऐसे अवैध कारोबारियों के मन में भय पैदा हो और समाज में कानून व्यवस्था की मजबूती बनी रहे। जिला आबकारी विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि अवैध मदिरा के कारोबार के विरुद्ध यह अभियान एकबारगी नहीं बल्कि सतत प्रकिया है। विभाग जिले के कोने-कोने में छापेमारी करेगा और जहां कहीं भी अवैध मदिरा का संग्रह, परिवहन या विक्रय पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनता से सहयोग की अपील
अंत में, जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध शराब निर्माण, विक्रय या परिवहन की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस प्रशासन को सूचित करें। जन-सहयोग से ही इस सामाजिक बुराई पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सकता है।

