झाबुआ। शासकीय आईटीआई झाबुआ में 4 जून 2025 को एक विशेष रोजगार, स्व-रोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित किया गया, जिसे “युवा संगम” कार्यक्रम के तहत संपन्न किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना, उन्हें स्वरोजगार की दिशा में मार्गदर्शन देना और उद्योगों की आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना था। यह आयोजन मध्यप्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भोपाल के निर्देशों पर, जिला प्रशासन झाबुआ के सहयोग से आयोजित किया गया। इस विशेष मेले में जिले के विभिन्न हिस्सों से कुल 41 युवा अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इन अभ्यर्थियों का पंजीयन पूर्व में किया गया था और उन्हें आयोजन की पूर्व जानकारी उनके संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों और रोजगार कार्यालयों के माध्यम से दी गई थी। इस मेले की विशेष बात यह रही कि इसमें निजी क्षेत्र की विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि स्वयं उपस्थित होकर युवाओं का प्रारंभिक चयन करने पहुंचे थे। इनमें अहमदाबाद, गुजरात की 'कॅरियर ब्रिज स्कील', झाबुआ की 'ईसाफ स्माल फाइनेंस बैंक' और भरूच, गुजरात की 'एमआरएफ' कंपनी के प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें से एमआरएफ कंपनी के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।
इन सभी कंपनियों ने मिलकर कुल 20 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन किया। चयन की प्रक्रिया में कंपनियों ने न केवल अभ्यर्थियों के शैक्षणिक और तकनीकी कौशल को परखा बल्कि उनके आत्मविश्वास, बातचीत की क्षमता और कार्य के प्रति रुचि को भी ध्यान में रखा। जिन युवाओं का चयन हुआ है, उन्हें आगामी चरणों की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है, जिसमें साक्षात्कार, प्रशिक्षण और नियुक्ति से संबंधित दिशा-निर्देश शामिल हैं। मेले में उपस्थित अभ्यर्थियों को प्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिनमें पीएमईजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम), मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाएं शामिल थीं। इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को यह समझाया गया कि वे किस प्रकार से खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कैसे करें और बाजार में अपनी पहचान कैसे बना सकते हैं। इस जागरूकता सेशन का उद्देश्य यह भी था कि जो युवा निजी क्षेत्र में नौकरी करने के बजाय खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, वे सही मार्गदर्शन और संसाधनों की मदद से आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में आईटीआई झाबुआ के प्राचार्य ने भी युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के समय में केवल डिग्री या प्रमाणपत्र से नहीं, बल्कि व्यवहारिक कौशल और संकल्प से सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने भीतर के हुनर को पहचानें और उसे समाजहित में उपयोग करें। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र झाबुआ के अधिकारियों ने भी युवाओं को विभिन्न व्यापारिक योजनाओं, लोन प्रक्रियाओं और उद्योगों में संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में आईटीआई झाबुआ के अधिकारी, कर्मचारी, जिला प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई थी ताकि यह केवल एक मेला न होकर उनके भविष्य की नींव रखने का अवसर बन सके। “युवा संगम” कार्यक्रम का मूल उद्देश्य न केवल रोजगार देना है बल्कि युवाओं को उस दिशा में प्रेरित करना भी है, जहां वे अपने सपनों को साकार कर सकें। ऐसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि सरकार और प्रशासन मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक और उपयोगी मंच तैयार कर रहे हैं, जिससे उन्हें अपने ही जिले में बेहतर अवसर मिल सकें और वे पलायन के बजाय स्थानीय स्तर पर ही जीवन निर्माण कर सकें। कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल रोजगार और अप्रेंटिसशिप के दृष्टिकोण से सफल रहा, बल्कि इससे जुड़ी योजनाओं की जानकारी और उद्योगों से प्रत्यक्ष संवाद ने युवाओं को आत्मविश्वास से भर दिया। यह कार्यक्रम जिले में ऐसे और आयोजनों की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा लाभान्वित हो सकें और झाबुआ जिले को एक प्रशिक्षित और सक्षम कार्यबल मिल सके।

