जनसुनवाई में गूंजा जनसमस्याओं का स्वर, कलेक्टर नेहा मीना ने त्वरित कार्रवाई कर बटोरी सराहना

Voices of public problems echoed in public hearing, Collector Neha Meena earned appreciation by taking prompt action.
झाबुआ फर्स्ट
Jhabua First News- public hearing, Collector Neha Meena earned appreciation by taking prompt action- जनसुनवाई में गूंजा जनसमस्याओं का स्वर, कलेक्टर नेहा मीना ने त्वरित कार्रवाई कर बटोरी सराहना


जिला प्रशासन की सक्रियता से आमजन को मिला राहत का भरोसा

झाबुआ। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई एक बार फिर जनकल्याण और प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल बनकर सामने आई। इस जनसुनवाई में कलेक्टर नेहा मीना ने आमजन से सीधे संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही समाधान की दिशा में त्वरित निर्णय लिए। बैठक में कुल 67 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अनेक मामलों में कलेक्टर ने मौके पर ही आर्थिक सहायता की घोषणा कर दी तो वहीं अन्य समस्याओं को निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को सख्ती से दिए गए।

सामाजिक समावेशन की मिसाल: दिव्यांग को मिली इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल

जनसुनवाई की सबसे सराहनीय पहल उस समय देखने को मिली, जब कलेक्टर नेहा मीना ने चारणपुरा, तहसील पेटलावद निवासी भेरूसिंह को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल प्रदान की। भेरूसिंह लंबे समय से चलने-फिरने में असमर्थ थे और अपने रोजगार एवं सामाजिक जीवन में गतिशीलता की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। उन्होंने कलेक्टर से मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की मांग की थी। कलेक्टर ने उनकी समस्या को न केवल संवेदनशीलता से समझा, बल्कि उन्हें एडीआईपी योजना के तहत तत्काल बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध करवा दी। यह कदम न सिर्फ शासन की योजनाओं की सार्थकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि प्रशासन अब आमजन की आवश्यकताओं को केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी अमल में ला रहा है।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिली राहत

कलेक्टर नेहा मीना द्वारा चार आवेदकों को उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए सहायता राशि स्वीकृत की गई।

  • ग्राम मोजीपाड़ा निवासी लालु पिता विजिया सिंगाड़िया ने अपने परिवार की अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सहायता मांगी थी। कलेक्टर ने उनकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए ₹15,000 की आर्थिक सहायता तत्काल स्वीकृत करवाई।
  • गेहलर बड़ी, तहसील झाबुआ निवासी श्रीमती सुनीता सुरेश मकोदिया और पिपलखुटा, तहसील मेघनगर निवासी विजेश पिता रसु गणावा को भी ₹10,000-₹10,000 की आर्थिक सहायता मंजूर की गई।
  • वहीं ग्राम झकेला, तहसील रामा निवासी लालु पिता भल्लु बिलवाल को ₹5,000 की सहायता राशि स्वीकृत हुई।

इस तरह, प्रशासनिक तंत्र ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जरूरतमंदों की व्यथा को न केवल सुना, बल्कि उन्हें वास्तविक मदद पहुंचाकर जीवनयापन में राहत देने का प्रयास भी किया।

सार्वजनिक समस्याओं पर त्वरित निर्देश, जनहित सर्वोपरि

जनसुनवाई में केवल व्यक्तिगत समस्याओं तक ही सीमित न रहकर, सामूहिक एवं सार्वजनिक मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कुछ प्रमुख समस्याएं और कलेक्टर के निर्देश इस प्रकार रहे:

  1. ग्राम सेमलखेड़ी के बामनिया एवं परमार फलिया में पीने के पानी की विकट समस्या को लेकर ग्रामीणों ने नवीन हैंडपंप खनन की मांग रखी। कलेक्टर ने पीएचई विभाग को तत्काल सर्वे कर हैंडपंप की स्थापना हेतु कदम उठाने को कहा।
  2. ग्राम जामली, तहसील पेटलावद निवासी मुकेश पिता नराण डामर ने बताया कि उसके मकान में आग लगने के बाद अब उसकी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने राजस्व विभाग को तत्काल जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए।
  3. खेड़ा के माता फलिया, तहसील रामा से ग्रामीणों ने आवेदन देकर बताया कि पुरानी विद्युत डीपी खराब हो गई है और नई डीपी नहीं लगाई जा रही, जिससे पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित है। इस पर कलेक्टर ने विद्युत विभाग को तुरंत तकनीकी सर्वे के साथ नई डीपी लगाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
  4. ग्राम लालारुंडी, तहसील पेटलावद निवासी लालु पिता दल्ला निनामा ने अपनी कृषि भूमि पर विपक्षियों द्वारा फसल नहीं बोने देने की शिकायत की। यह मामला आपसी विवाद और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा था। कलेक्टर ने तहसीलदार को सीमांकन एवं कब्जा प्रमाणित कर फौरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, समाधान में नहीं होगी देरी

कलेक्टर ने जनसुनवाई में प्राप्त सभी 67 आवेदनों को विभागवार श्रेणियों में बांटते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि किसी शिकायत के निराकरण में अनावश्यक देरी या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

उपस्थित रहे वरिष्ठ अधिकारी, सुनी जनता की समस्याएं

इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, जिले के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार भी उपस्थित रहे। हर अधिकारी को मौके पर ही निर्देशित किया गया कि वे आवेदकों से संवाद कर उनके आवेदन की प्रामाणिकता जांचें और यथासंभव त्वरित समाधान करें।

नवाचार और संवेदनशील प्रशासन की पहचान बनीं कलेक्टर नेहा मीना

कलेक्टर नेहा मीना का यह जनसुनवाई सत्र केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि उन्होंने प्रशासनिक तंत्र को जनसेवा की वास्तविक भावना से संचालित करने का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। चाहे वह एक दिव्यांग को ट्राइसाइकिल देना हो या फिर ग्राम स्तर की बुनियादी समस्याओं पर संवेदनशील निर्णय लेना – हर कार्यवाही ने जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाया। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब प्रशासन सजग और संवेदनशील हो, तो जनसमस्याएं केवल कागजों पर दर्ज होकर नहीं रह जातीं, बल्कि उनका समाधान ज़मीन पर भी दिखता है। कलेक्टर नेहा मीना के नेतृत्व में झाबुआ जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि जनसुनवाई केवल संवाद का माध्यम नहीं, समाधान का मंच भी है।

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