झाबुआ: झाबुआ जिले के पेटलावद में अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी स्वदेशानंद जी महाराज (सूरज ब्रम्हे) एवं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री बालकानंद गिरी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। नरेंद्र मोदी विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुनिल सांखला, प्रदेश प्रभारी श्री मोहन पाटीदार के नेतृत्व में मालवा प्रांत के पदाधिकारियों ने गाड़ियों के काफिले के साथ दोनों महान संतों का स्वागत किया। इस शुभ अवसर पर गौ माता की गौशाला में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। संतों ने गौ माता को चारा खिलाया और उनके संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौ सेवा के प्रति प्रेरित किया और इसे भारतीय संस्कृति की आधारशिला बताया। गौ सेवा को धर्म और समाज का अभिन्न अंग बताते हुए संतों ने कहा कि इससे व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दौरान उन्होंने गौ रक्षा और संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की। इसके पश्चात संत स्वदेशानंद जी महाराज एवं बालकानंद गिरी महाराज ने भगवान बागरंगबली के मंदिर में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस दौरान संतों ने समाज में आध्यात्मिकता और नैतिकता के महत्व पर जोर देते हुए लोगों को धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी की भक्ति से व्यक्ति में धैर्य, साहस और निष्ठा का विकास होता है, जिससे वह जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को सहजता से पार कर सकता है। पूजा अर्चना के बाद संतों का काफिला झाबुआ जिले के रायपुरिया पहुंचा, जहां जलसा परिवार द्वारा निर्मित धार्मिक फिल्म "कलयुग का राजा" का भव्य विमोचन किया गया। यह फिल्म खाटू श्याम जी के जीवन और चमत्कारों पर आधारित है। संत स्वामी स्वदेशानंद जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार की धार्मिक फिल्में समाज को सच्ची आस्था और धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक फिल्मों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं से जोड़ने का यह एक प्रभावी माध्यम है। फिल्म विमोचन के बाद स्वामी स्वदेशानंद जी महाराज और बालकानंद गिरी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में धर्म और आध्यात्मिकता का विशेष महत्व है और इसे बनाए रखने के लिए हमें अपने कर्मों और विचारों को शुद्ध रखना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौ माता की सेवा, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में संत, महंत, स्थानीय पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिभाव का अद्भुत माहौल बना रहा और लोगों ने संतों के प्रवचनों से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। संतों ने इस अवसर पर समाज में समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को धर्म और अध्यात्म की ओर लौटने की जरूरत है ताकि वे मानसिक और आत्मिक शांति प्राप्त कर सकें। संतों ने युवाओं को भी संबोधित किया और उन्हें भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक मूल्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और यदि वे अपने संस्कारों और मूल्यों को पहचान लें तो भारत को आध्यात्मिक रूप से पुनः विश्वगुरु बनाया जा सकता है। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय ने भी संतों के विचारों का समर्थन किया और धार्मिक कार्यों में अधिक से अधिक भागीदारी करने का संकल्प लिया। झाबुआ जिले में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का संचार किया। यह आयोजन समाज को आध्यात्मिकता, सद्भावना और संस्कारों की ओर प्रेरित करने में सफल रहा।
