झाबुआ सामाजिक महासंघ की पहल: जनजातीय युवाओं के लिए निःशुल्क 'छावा' फिल्म शो

Unique initiative of Jhabua Social Federation, free screening of 'Chhava' film for tribal youth and all communities
झाबुआ फर्स्ट

झाबुआ – झाबुआ सामाजिक महासंघ ने एक अनूठा कदम उठाते हुए क्षेत्र के जनजाति युवाओं और सभी समुदायों के लोगों के लिए वीरता और देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्म छावा का मुफ्त प्रदर्शन आयोजित किया। यह आयोजन 27 फरवरी को शाम 6:00 बजे हुआ, जिसने युवा पीढ़ी में राष्ट्र और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति साहस व समर्पण की अलख जगाने का सराहनीय प्रयास किया। फिल्म छावा की लोकप्रियता तब से चरम पर है, जब से भारत के सम्मानित प्रधानमंत्री ने इसकी राष्ट्रीय गौरव और आध्यात्मिक भावना की प्रशंसा की। मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा इसे कर-मुक्त घोषित किए जाने से इसकी पहुंच और प्रभाव और भी बढ़ गया। इसी उत्साह के बीच, झाबुआ सामाजिक महासंघ ने इस फिल्म को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह अभिनव पहल की। महासंघ के अध्यक्ष नीरज सिंह राठौर और उपाध्यक्ष राधेश्याम परमार ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजाति युवाओं में देश और संस्कृति के प्रति निष्ठा व वीरता की भावना जागृत करना था। उन्होंने कहा, “यह फिल्म मराठा योद्धा शिवाजी महाराज और उनके पुत्र संभाजी महाराज के बलिदान को दर्शाती है, जिनका अपने देश के लिए समर्पण अतुलनीय है। हम चाहते थे कि हमारा युवा उनकी विरासत से प्रेरणा ले।”

छावा फिल्म मराठाओं के अदम्य साहस को जीवंत करती है, जिन्होंने मुगल सम्राट औरंगजेब की विशाल शक्ति के सामने भी हार नहीं मानी। औरंगजेब ने मराठाओं को कुचलने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन मराठा वीरों ने उसे नाकाम कर दिया। फिल्म में हिंदुओं की एकता और उनके शौर्य को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है, जो इसे गर्व और प्रेरणा का सशक्त माध्यम बनाता है। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5:30 बजे राजवाड़ा चौक पर हुई, जहां सोल्जर फिजिकल ग्रुप के युवाओं सहित सभी समुदायों के गणमान्य लोग एकत्र हुए। आयोजकों हार्दिक अरोड़ा और सुनील चौहान ने बताया कि माहौल उत्साह से भरा था। उपस्थित लोगों का भगवा गमछा पहनाकर स्वागत किया गया। जल्द ही “जय भवानी, जय शिवाजी,” “जय मराठा,” “सनातन धर्म की जय,” “वंदे मातरम,” “भारत माता की जय,” और “धर्म भूमि झाबुआ की जय” जैसे नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा, जो श्रद्धा और देशभक्ति का प्रतीक बना।

Jhabua First- Unique initiative of Jhabua Social Federation, free screening of 'Chhava' film for tribal youth and all communities झाबुआ सामाजिक महासंघ की अनूठी पहल, जनजाति युवाओं और सभी समुदायों के लिए मुफ्त ‘छावा’ फिल्म प्रदर्शन


सोल्जर फिजिकल ग्रुप के प्रमुख उदय बिलवाल ने सभा को संबोधित करते हुए फिल्म के गहरे संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “छावा हमें यह सिखाती है कि देश और धर्म की रक्षा के लिए हमें हर बलिदान के लिए तैयार रहना चाहिए। अत्याचार कितना भी शक्तिशाली हो, जीत हमेशा सत्य और धर्म की ही होती है। सनातन धर्म को सदियों से मिटाने की कोशिशें हुईं, लेकिन यह अनादि और अनंत है। ऐसे सभी इरादे हमेशा नाकाम रहेंगे।” इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें डॉ. के.के. त्रिवेदी, पी.डी. रायपुरिया, भेरू सिंह चौहान तरंग, हार्दिक अरोड़ा, सुनील चौहान, रविराज सिंह राठौर, नाथूलाल पाटीदार, प्रदीप पंड्या, संघ प्रचारक पार्थ सारथी, जिला शिक्षा अधिकारी ज्ञानेंद्र ओझा, बाबूलाल पांचाल, मनोहर सिंह राठौर, प्रवीण सोनी, बहादुर सिंह चौहान, रमेश शर्मा, भेरू सिंह सोलंकी, और चेतना चौहान जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। जनजाति युवाओं की भारी उपस्थिति ने इस आयोजन को सभी समुदायों के लिए एकजुटता का प्रतीक बनाया। झाबुआ सामाजिक महासंघ की यह पहल कला और संस्कृति के माध्यम से पीढ़ियों को जोड़ने, साहस को प्रेरित करने और समाज को मजबूत करने का एक शानदार उदाहरण है। छावा की गूंज झाबुआ में लंबे समय तक सुनाई देती रहेगी।

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