भगोरिया की थाप पर झूमा झाबुआ: मुख्यमंत्री ने आदिवासी विकास के लिए लाई नई उम्मीदें, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक हुईं बड़ी घोषणाएं

Bhagoria: Chief Minister brought new hopes for tribal development, major announcements were made from education to health.
झाबुआ फर्स्ट
झाबुआ: भगोरिया महोत्सव मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह न केवल एक पारंपरिक मेला बल्कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन में भाग लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया मेले की मस्ती और उत्साह देखते ही बनता है, यहाँ की सांस्कृतिक धरोहर अद्भुत है और यह आयोजन सामाजिक मेलजोल का प्रतीक भी है। ढोल-माँदल की थाप पर थिरकते जनजातीय समुदायों को देखकर हर किसी का मन प्रफुल्लित हो जाता है। सरकार जनजातीय समाज के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनेक योजनाएँ लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब जनजातीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि सरकार स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स में जनजातीय विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग कक्षाओं की शुरुआत करने की घोषणा की। सरकार की नई नीति के तहत जनजातीय बहुल क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज खोलने को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि छात्रों को दूर न जाना पड़े। सौर ऊर्जा पंप योजना के तहत किसानों को मुफ्त बिजली दी जाएगी जिससे सिंचाई सुविधाएँ बेहतर होंगी। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नई अनुदान नीति लागू की जा रही है जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। गरीबों के लिए निशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा की भी शुरुआत की जाएगी ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधाएँ मिल सकें।  

Jhabua First- Jhabua swayed to the beats of Bhagoria: Chief Minister brought new hopes for tribal development, major announcements were made from education to health


          मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार विशेष योजनाएँ चला रही है, जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता दी जाएगी और उनके उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने के प्रयास किए जाएँगे। मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर, उज्जैन और झाबुआ में धर्मशाला निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की ताकि यात्रियों और श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा मिले। उन्होंने कालका माता मंदिर से एम-2 होटल तक सड़क निर्माण की भी घोषणा की जिससे क्षेत्र में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। झाबुआ जिले में जल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अनास नदी को नर्मदा नदी से जोड़ने की योजना के परीक्षण के निर्देश दिए जिससे पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि उनके पिता और पूर्व सांसद स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह भूरिया के प्रयासों से पेसा एक्ट को अधिनियमित किया गया जिससे जनजातीय समाज को अधिक अधिकार मिले। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम से ग्राम सभाओं को मजबूत बनाया गया है और इससे स्थानीय विकास को गति मिली है। भील महासम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत माता, टंट्या भील, राणा पुंजा और सबरी माता के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया और भील समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। 
        पूर्व सांसद श्री गुमान सिंह डामोर ने मुख्यमंत्री के स्वागत में कहा कि भगोरिया महोत्सव में मुख्यमंत्री की उपस्थिति से जनजातीय समाज का उत्साह बढ़ गया है। उन्होंने जिले में दहेज, डीजे और दापा प्रथा पर जनजागरूकता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया और भील समाज के लिए ओंकारेश्वर, उज्जैन और झाबुआ में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन की माँग की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिलीप क्लब से बस स्टैंड तक निकली भगोरिया गैर में शामिल हुए जहाँ 250 से अधिक ढोल-माँदल की टोलियों के साथ उन्होंने पारंपरिक नृत्य किया और कार्यक्रम स्थल तक पहुँचे। हर ओर लोग उत्साह से झूमते-गाते नज़र आए। जनजातीय समाज ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत किया जिससे भगोरिया महोत्सव की महत्ता और अधिक बढ़ गई। भगोरिया केवल एक मेला नहीं बल्कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं जिनसे शिक्षा, रोजगार, औद्योगिक विकास, जल आपूर्ति और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा। सरकार की ये पहलें जनजातीय समाज के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। भगोरिया की मस्ती में झूमते लोग, ढोल-माँदल की थाप पर थिरकते जनजातीय समूह और सांस्कृतिक रंगों से सजे इस महोत्सव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि समाज की पहचान और उत्साह का प्रतीक है।

न्यूज़ एडिटर

झाबुआ फर्स्ट
झाबुआ फर्स्ट मध्यप्रदेश में स्थापित अग्रणी हिंदी वेब न्यूज़ , वर्ष 2022 में आरएनआई दिल्ली द्वारा साप्ताहिक समाचार पत्र के रूप में पंजीयन के बाद खबरों को ऑनलाइन और प्रिंट दोनों ही माध्यम से प्रकाशित किया जा रहा है।
आरएनआई न. MPHIN39085 .

ख़बर पर आपकी राय